
Jharkhand High Court : झारखंड उच्च न्यायालय ने डुअल डिग्री मामले में अहम फैसला सुनाते हुए एक ही सत्र में स्नातकोत्तर (पीजी) और बीएड की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। अदालत के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
मामला पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा था, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने यह कहते हुए रद्द कर दी थी कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन और बीएड की डिग्री एक ही सत्र में प्राप्त की है, इसलिए वे नियुक्ति के लिए योग्य नहीं हैं।
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने W.P.(S) No. 4210 of 2024, W.P.(S) No. 553 of 2025 समेत अन्य समान मामलों की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि दोनों डिग्रियां मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से हासिल की गई हैं और वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के अनुरूप हैं।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट ने JSSC के उन सभी विवादित आदेशों को रद्द कर दिया, जिनके आधार पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी खारिज की गई थी।
अदालत ने संबंधित प्राधिकारियों को चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है। इस फैसले को डुअल डिग्री धारक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है, जिससे लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों में खुशी की लहर है।

