
Jharkhand Fuel Crisis : झारखंड के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। देवघर समेत कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल उपलब्ध नहीं” और “डीजल नहीं है” जैसे बोर्ड लगाए जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों और प्रशासन का कहना है कि ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि लोगों में पैनिक की वजह से अचानक मांग बढ़ गई है।
देवघर में हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह से शाम तक एक पंप से दूसरे पंप का चक्कर लगा रहे हैं। कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल नहीं मिलने से वाहन चालकों को निराश लौटना पड़ रहा है। इसका असर खासकर मेडिकल इमरजेंसी, ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों पर साफ देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरत के वक्त ईंधन नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ब्लैक मार्केट में पेट्रोल ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है। वहीं ट्रक और मालवाहक वाहन चालकों का कहना है कि सीमित मात्रा में डीजल मिलने से उनके कामकाज पर असर पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार उपलब्ध स्टॉक के आधार पर लोगों को ईंधन दिया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश पर कई जगह सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल वितरण किया जा रहा है ताकि अधिक लोगों तक आपूर्ति पहुंच सके।
इस बीच जिला प्रशासन ने स्थिति को लेकर तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक की। अधिकारियों का दावा है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और जरूरत के अनुसार सप्लाई जारी है। साथ ही ब्लैक मार्केटिंग पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जमशेदपुर के साकची स्थित पेट्रोल पंप संचालक और कोल्हान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजीव सिंह ने कहा कि लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवा रहे हैं, जिससे स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल की सप्लाई सामान्य है, लेकिन भुगतान और टैंकर पहुंचने की प्रक्रिया में समय लगने से कुछ समय के लिए पंप बंद रखने की नौबत आ रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल न भरवाएं, क्योंकि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

