
- पैलेस के ध्वस्त होते ही जमींदोज हो जायेगा इससे जुड़ा इतिहास
- पटना की आन-बान और शान कहा जाता था सुल्तान पैलेस
पटना : बिहार की राजधानी पटना के आर ब्लॉक के पास अवस्थित सुल्तान पैलेस अब ध्वस्त हो जाएगा। इस प्रॉपर्टी को सरकार ने नीलाम कर दिया है। अब यहां पर एक बड़ा होटल बनेगा। लेकिन, सुल्तान पैलेस के साथ ही पटना का एक बड़ा इतिहास भी जमींदोज होने जा रहा है।
4 वर्ष पहले सुल्तान पैलेस उस वक्त चर्चा में आया था जब वहां रात में भूत घूमने वाली खबर वायरल हुई थी।100 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत सुल्तान पैलेस पटना की आन-बान और शान है। सुल्तान पैलेस की खूबसूरती को निहारने देश-विदेश से लोग आते हैं। 1922 में निर्मित सुल्तान पैलेस देश की आजादी का भी गवाह रहा है। 22 लाख की लागत से बनी ये भव्य इमारत स्थापत्य कला की अनूठी मिसाल है।
सुल्तान पैलेस भारतीय यूरोपीय मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का बेमिसाल नमूना है। अंग्रेजी शासन काल में विकसित इस कला को मिश्रित कला का नाम दिया जाता है। इसकी अद्भुद नक्काशी प्रसिद्ध कारीगर मंजुल हसन काजमी ने की थी। इंडो-सारसेनिक शैली में बनी इस हवेली में सुल्तान अहमद ने मुगल व राजपूत शैलियों को खास जगह दी।
जानकार बताते है कि सुल्तान पैलेस के निर्माण में करीब 22 लाख रुपये खर्च हुए थे। 19वीं सदी के आखिरी वर्षों में ब्रिटिश वास्तु कारों ने राजास्थानी, मुगल, मराठा और प्राचीन उत्कृष्ट भारतीय वास्तु कला को संयोजित कर एक नई और महान वास्तुकला को जन्म दिया था, जो इंडो सेरसेनिक वास्तुकला के नाम से जाना गया। इस कला को मुगल राजपूत स्थापत्य कला के नाम से भी जाना जाता है। हवेली के पिछले हिस्से में महिलाओं के लिए जनाना महल और आगे का भाग पुरुषों के लिए बनाया गया था। इसके निर्माण में सफेद संगमरमर का प्रयोग किया गया था।
वहीं, मुख्य हॉल और डाइनिंग रूम की छत और दीवारों की नक्काशी में 18 कैरेट सोने का उपयोग किया गया। बताया जाता है कि ऊपर की मंजिल पर जाने के लिए बनाई गई नक्काशीदार सीढ़ी के लिए बर्मा (म्यांमार) से लकड़ी मंगवाई गई थी। दीवारों पर फूल-पत्तियों की चित्रकारी, दरवाजों और रोशनदानों में रंगीन शीशे विदेशों से मंगवाए गये थे। सुल्तान पैलेस की सीढ़ियों में लगे लकड़ी 100 साल बीत जाने के बाद भी कमजोर नहीं पड़े हैं। इस भवन की दीवारों पर 18 कैरेट गोल्ड से नक्काशी की गई थी। बीते दिनों राजधानी पटना में बिहार सरकार ने तीन पांच सितारा होटल बनाने का निर्णय लिया, जिसमें सुल्तान पैलेस को भी ध्वस्त कर एक पांच सितारा होटल बनाने की योजना थी। सरकार की योजना के मुताबिक सुल्तान पैलेस में 4.8 एकड़ भूमि पर 400 कमरे बनाए जाने हैं।

