
Naxal Surrender: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सारंडा क्षेत्र में सक्रिय करीब दो दर्जन माओवादी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ये उग्रवादी हथियारों के साथ सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला ले सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण प्रक्रिया को लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संभावना है कि सभी नक्सलियों का सरेंडर रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में कराया जाए। हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं, जिसके चलते कई उग्रवादी संगठन छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
सारंडा वन लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है। यदि यह आत्मसमर्पण होता है, तो इसे झारखंड पुलिस के लिए नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है।

