
नई दिल्ली: देशभर में आज दवा दुकानदारों की हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिल सकता है। ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट संगठनों के आह्वान पर करीब 15 लाख केमिस्ट अपनी दुकानें बंद रखेंगे। ऐसे में मरीजों और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों की जिन्हें रोजाना दवाइयों की जरूरत पड़ती है। बताया जा रहा है कि केमिस्ट संगठन ऑनलाइन दवा बिक्री, कुछ नीतिगत बदलावों और लाइसेंस से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। इसी के चलते कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सीमित राहत दी जा सकती है।
दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में हड़ताल का असर साफ नजर आने की संभावना है। बड़े शहरों से लेकर जिला मुख्यालयों तक मेडिकल दुकानों के शटर डाउन रह सकते हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट पर है। कई सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाओं का अतिरिक्त इंतजाम किया गया है ताकि मरीजों को परेशानी कम हो। वहीं निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों को दवा खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
केमिस्ट संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी वजह से उन्हें देशव्यापी हड़ताल का कदम उठाना पड़ा। दूसरी तरफ आम लोगों से अपील की गई है कि जरूरी दवाएं पहले से खरीद लें और बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें। अब सबकी नजर सरकार और केमिस्ट संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है। अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में दवाओं की सप्लाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

