
अहमदाबाद: चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस ने महेंद्र सिंह धोनी की वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि धोनी कब मैदान पर लौटेंगे, इसका फैसला सिर्फ वही करेंगे। 44 साल के धोनी इस आईपीएल सीजन में पैर की चोट की वजह से एक भी मैच नहीं खेल सके। हालांकि एरिक सिमंस ने बताया कि नेट्स में धोनी की बल्लेबाजी देखकर हर कोई प्रभावित था।
जब सिमंस से पूछा गया कि क्या धोनी अगले सीजन में खेलते नजर आएंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या आप सच में यह सवाल पूछ रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “धोनी के पैर में चोट थी और उन्हें दौड़ने में काफी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से वह मैच नहीं खेल पाए।” सिमंस ने बताया कि अभ्यास सत्र के दौरान धोनी पुराने अंदाज में बल्लेबाजी करते दिखे। उन्होंने कहा, “नेट्स में वह उसी तरह बल्लेबाजी कर रहे थे जैसे पहले किया करते थे। लेकिन मैं हमेशा यही कहता हूं कि यह फैसला धोनी खुद करेंगे कि वह कब खेलने के लिए तैयार हैं और वापसी का सही समय क्या होगा।”
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर सिमंस ने यह भी कहा कि धोनी हमेशा टीम को खुद से ऊपर रखते हैं। उनके मुताबिक, “अगर धोनी को लगेगा कि वह पूरी तरह फिट नहीं हैं तो वह नहीं खेलेंगे। लेकिन अगर वह फिट हुए तो जरूर मैदान पर उतरेंगे। वह कभी व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए फैसला नहीं लेते, बल्कि हमेशा टीम के हित को प्राथमिकता देते हैं।” सीएसके के प्रदर्शन पर बात करते हुए सिमंस ने माना कि इस सीजन टीम की फील्डिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। उन्होंने कहा, “मैं अभी मैथ्यू हेडन से इसी बारे में बात कर रहा था। हमने इस साल फील्डिंग पर काफी मेहनत की। पूरे टूर्नामेंट में हमने कुछ शानदार कैच लिए, लेकिन साथ ही कुछ आसान कैच भी छोड़ दिए।”
उन्होंने आगे कहा, “अब टीम इससे क्या सीखती है और आगे कैसे सुधार करती है, यह फील्डिंग कोच तय करेंगे। सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है। कभी हम अविश्वसनीय कैच पकड़ते हैं और फिर आसान मौके छोड़ देते हैं, जो हैरान करता है।” गुजरात टाइटंस के खिलाफ सीएसके को 89 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसी हार के साथ टीम ने 12 अंकों पर अपना अभियान खत्म किया।
हालांकि सिमंस ने कहा कि इस सीजन से टीम को कई सकारात्मक चीजें सीखने को मिलीं। उन्होंने कहा, “हमने एक टीम के रूप में खुद को बेहतर तरीके से समझना शुरू किया है। आईपीएल जीतने के लिए टीम का सही संतुलन होना बहुत जरूरी है। आपके बदलाव भी समय रहते होने चाहिए।” उन्होंने आखिर में कहा, “इस टूर्नामेंट ने हमें एक इकाई के रूप में खुद को समझने में काफी मदद की है और आगे यह हमारे लिए फायदेमंद साबित होगा।”

