तपती गर्मी में पुलिस को बड़ी राहत! रांची में ट्रैफिक जवानों को मिली ‘कूलिंग जैकेट’, जानिए कैसे करेगा काम

झारखंड की भीषण गर्मी में रांची ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। जवानों को कूलिंग जैकेट दी गई है, जो तेज धूप और लू में ड्यूटी आसान बनाएगी।

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रांची : झारखंड में भीषण गर्मी पड़ रही है।  ऐसे हालात को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने इस बार एक नया कदम उठाया है। पहली बार ट्रैफिक कांस्टेबल्स को कूलिंग जैकेट दी गई हैं, ताकि वे इस झुलसाती गर्मी में थोड़ी राहत के साथ अपनी ड्यूटी कर सकें। फिलहाल 5 जैकेट ट्रायल के तौर पर दी गई हैं, जिन्हें पहनकर पुलिसकर्मी शहर के अलग-अलग चौराहों पर ट्रैफिक संभाल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आगे और जवानों को भी यह सुविधा दी जाएगी।

जानिए कूलिंग जैकेट कैसे करेगा काम

ये कूलिंग जैकेट सामान्य जैकेट नहीं हैं, बल्कि एक तरह का पोर्टेबल कूलिंग सिस्टम हैं। इनमें इनबिल्ट फैन लगाया गया है, जो लगातार जैकेट के अंदर हवा को सर्कुलेट करता रहता है। इससे शरीर के आसपास ठंडक बनी रहती है जिसके कारण पसीना भी जल्दी सूखता है और गर्मी का असर कम महसूस होता है। खास बात यह है कि इन्हें पावर बैंक से चार्ज किया जा सकता है। एक बार फुल चार्ज करने पर यह जैकेट करीब 8 घंटे तक लगातार काम कर सकती है, यानी पुलिसकर्मी अपनी पूरी शिफ्ट में इसे आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ इसमें लगा कपड़ा SPF 50 प्रोटेक्शन देता है, जो तेज धूप से त्वचा को बचाने में मदद करता है। सुरक्षा के लिहाज से भी इसमें खास इंतजाम किए गए हैं। जैकेट पर रिफ्लेक्टिव रेडियम स्ट्रिप्स लगी हैं, जिससे रात के समय पुलिसकर्मी आसानी से नजर आते हैं और उनकी विजिबिलिटी बनी रहती है।

गौरतलब है कि झारखंड के कई जिलों में इस समय तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा चुका है। पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में सड़क पर लगातार ड्यूटी करना न सिर्फ मुश्किल बल्कि कई बार सेहत के लिए भी जोखिम भरा हो जाता है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।