मानसून में दीर्घावधि औसत की 90 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना : आईएमडी

आईएमडी ने कहा है कि इस साल मानसून में देश में औसत से कम बारिश हो सकती है। अल नीनो का असर और कई राज्यों में हीटवेव के दिनों में बढ़ोतरी की संभावना है।

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नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भारत में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत की 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसमें मॉडल त्रुटि चार प्रतिशत बताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में इस मानसून में सामान्य वर्षा होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।देशभर में मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर 87 सेंटीमीटर है। एलपीए का मतलब किसी विशेष क्षेत्र में किसी निर्धारित अवधि जैसे एक महीने या मौसम के दौरान लंबे समय आमतौर पर 30 से 50 वर्षों में दर्ज औसत वर्षा से है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने एक बयान में कहा, ‘‘देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून ज़ोन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी वर्षा सामान्य से कम (एलपीए के 94 प्रतिशत से कम) रहने की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि जून महीने में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, यानी यह एलपीए के 92 प्रतिशत से कम हो सकती है। यदि मानसून मौसम में वर्षा एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो आईएमडी उसे ‘अल्प वर्षा’ की श्रेणी में रखता है। केरल में मानसून के आगमन को लेकर महापात्रा ने कहा कि इसके अगले सात दिनों में पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून के आसपास पहुंचता है, जो देश में मानसून की शुरुआत मानी जाती है।

आईएमडी ने ये आकलन दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे पूर्वानुमान के दौरान जारी किए। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी अपने पहले पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस मानसून में भारत में दीर्घकालिक औसत की 92 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को आईएमडी ने यह भी कहा कि जून में अल नीनो की स्थिति कमजोर रहने और सितंबर में मध्यम से मजबूत होने की संभावना है। फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थिति अल नीनो की ओर बढ़ रही है। अल नीनो की स्थिति बनने से देश में मानसून वर्षा कम हो जाती है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि जून में देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। महापात्रा ने कहा, ‘‘जून के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों तथा महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन रहने की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू वाले दिन रहने की संभावना है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।