
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जून महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी कर सकता है। आयोग अगस्त माह में मुख्य परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी में जुट गया है। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।
दरअसल, आयोग ने 19 अप्रैल को आयोजित सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों का अंतिम मॉडल उत्तर जारी कर दिया है। इसी फाइनल आंसर-की के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम तैयार किया जाएगा।
आयोग द्वारा सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र और सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र दोनों का अंतिम मॉडल उत्तर प्रकाशित किया गया है। अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर समीक्षा के बाद पहले प्रश्नपत्र के दो प्रश्नों को ड्रॉप कर दिया गया है। वहीं एक प्रश्न में दो विकल्प सही पाए गए हैं, जिसके कारण उस प्रश्न के अंक सभी अभ्यर्थियों को दिए जाएंगे। हालांकि दूसरे प्रश्नपत्र में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई गई है।
बता दें कि आयोग ने 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक मॉडल उत्तर पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। निर्धारित समय सीमा तक प्राप्त आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा के बाद अंतिम मॉडल उत्तर जारी किया गया।
प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से विज्ञापित पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाएगा। मेधा सूची दोनों प्रश्नपत्रों में प्राप्त अंकों के कुल योग के आधार पर तैयार होगी। हालांकि मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता भी तय की गई है।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कम से कम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 32 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
अंतिम चयन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

