लातेहार के महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की मांग, डीसी ने दिए सीलिंग-FIR के आदेश

लातेहार के महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गुस्सा है। आदेश के बावजूद कई क्लीनिक चल रहे हैं, लोगों ने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।

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रांची : लातेहार में क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत बंदी आदेश के 20 दिन बाद भी महुआडांड़ में 9 अवैध क्लीनिक चलने से ग्रामीणों में उबाल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। 5 मई को जांच में 11 में से 9 संस्थान अवैध मिले थे। 11 मई को सीएचसी प्रभारी ने सभी को बिना वैध रजिस्ट्रेशन के बंद रखने का आदेश दिया था। सूर्या क्लीनिक Expired, जबकि निजा डेंटल क्लीनिक, फैज ड्रग्स, आस्था नर्सिंग होम, मुस्कान क्लीनिक, मेडिकेयर डेंटल, न्यू आई केयर, भगवती मेडिकल और चांदसी दवा खाना Not Found की श्रेणी में थे। गेट वेल हॉस्पिटल और सेवा सदन बंद पाए गए।

आरोप है कि आदेश के बावजूद कई जगह इलाज जारी है। ग्रामीणों ने 3 सूत्री मांग रखी: सीएम विशेष अभियान चलाएं, स्वास्थ्य मंत्री जांच टीम भेजें और डीसी सभी 9 संस्थानों को सील कर FIR कराएंमामला तूल पकड़ने पर लातेहार डीसी संदीप कुमार ने सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएस ने महुआडांड़ सीएचसी प्रभारी को तत्काल सभी अवैध संस्थानों को सील कर संचालकों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। Clinical Establishment Act 2010 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक चलाने पर 50 हजार से 5 लाख तक जुर्माना और सीलिंग का प्रावधान है। ग्रामीणों ने कहा, “कागजी कार्रवाई नहीं, जमीन पर एक्शन चाहिए।”

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।