आजादी के 79 साल बाद भी टापू’ बना बेलवार: बारिश में कट जाता है 600 लोगों का रिश्ता दुनिया से

लातेहार के बेलवार गांव में आजादी के दशकों बाद भी लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। नदी पार कर पहुंचना मजबूरी है, न पुल है और न साफ पानी।

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लातेहार (महुआडांड़): कागजों पर भारत 79 साल से आजाद है। लेकिन लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के सोहर पंचायत स्थित बेलवार गांव के लिए आजादी का मतलब आज भी सिर्फ एक तारीख है। प्रखंड मुख्यालय से महज 14 KM दूर बसे इस गांव तक पहुंचने का रास्ता सीधा मौत को न्योता देता है। गांव जाने के लिए एक ही नदी को दो बार पार करना पड़ता है। लेकिन हैरानी की बात है कि आज तक यहां एक पुल नहीं बना।बारिश आते ही बेलवार ‘जेल’ बन जाता है नदी में उफान आया नहीं कि संपर्क कटा। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं। बीमार को बचाना है तो चारपाई पर लादकर या कंधे पर उठाकर तेज बहाव वाली नदी पार करनी पड़ती है। कई बार देरी से मरीज दम तोड़ देते हैं। यहां पीने के पानी का हाल और भी बुरा है। न सरकारी नल, न चापाकल। ग्रामीण नदी की रेत खोदकर गड्ढा बनाते हैं, फिर उसमें से गंदा पानी निकालकर पीते हैं। इसी पानी से खाना बनता है, बच्चे बीमार पड़ते हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।