
महुआडांड़: समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संत जेवियर्स महाविद्यालय, महुआडांड़ में दो दिवसीय अंगदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश और उप-प्राचार्य फादर समीर टोप्पो के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
पोस्टर और जागरूकता रैली के जरिए दिया संदेश
कार्यक्रम के पहले दिन 16 जुलाई 2026 को विद्यार्थियों के बीच अंगदान विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए मानव सेवा, जीवनदान और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विद्यार्थियों ने प्रेरणादायक नारों और संदेशों के माध्यम से लोगों को अंगदान और रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक किया। साथ ही समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करने की कोशिश की गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन 17 जुलाई 2026 को विद्यार्थियों को अंगदान की पूरी प्रक्रिया, जरूरी कानूनी प्रावधान, पंजीकरण की विधि और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस दौरान एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें अंगदान के कारण कई लोगों को मिले नए जीवन की वास्तविक कहानियां दिखाई गईं। फिल्म के माध्यम से छात्रों को बताया गया कि एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकता है।
अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा: प्राचार्य
इस मौके पर प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने कहा कि अंगदान सिर्फ चिकित्सा से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जाने के बाद भी उसके अंग कई लोगों को नया जीवन दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर युवा पीढ़ी अंगदान को लेकर जागरूक होगी तो समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। वहीं, उप-प्राचार्य फादर समीर टोप्पो ने कहा कि अंगदान जीवन का सबसे बड़ा उपहार है। यह निस्वार्थ सेवा, प्रेम और करुणा का बेहतरीन उदाहरण है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
महाविद्यालय परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के जरिए छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया गया। अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया और भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

