
महुआडांड़: जंगली भालुओं और अन्य वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए महुआडांड़ वन विभाग का विशेष जागरूकता अभियान अब प्रखंड के सभी गांवों तक पहुंच चुका है। वन विभाग की टीम ने सीमावर्ती इलाकों में घूम-घूमकर ग्रामीणों को जंगल में रहने वाले जानवरों से बचाव के उपाय बताए। इस अभियान का नेतृत्व महुआडांड़ वनपाल गुरुदयाल सिंह कर रहे हैं। वन विभाग की टीम ने प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों और गांवों का दौरा किया। इस दौरान माइक के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया और उन्हें बताया गया कि जंगली जानवरों से सामना होने पर किस तरह सावधानी बरतनी है।
ग्रामीणों को दी गई सतर्क रहने की सलाह
वन विभाग ने लोगों से अपील की कि वे जंगल में अकेले जाने से बचें। खासकर सुबह और शाम के समय ज्यादा सतर्क रहें। ग्रामीणों को बच्चों और मवेशियों को घर के आसपास ही रखने की सलाह दी गई। इसके अलावा वन विभाग ने कहा कि अगर किसी को भालू या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई देता है, तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते रेस्क्यू और बचाव कार्य किया जा सके।
अभियान के बाद नहीं आया भालू हमले का नया मामला
वनपाल गुरुदयाल सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार दिन-रात गश्त कर रही है। साथ ही गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान का असर अब नजर आने लगा है। अभियान शुरू होने के बाद से अब तक भालू हमले का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इससे साफ है कि ग्रामीण अब वन्यजीवों को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि घास काटने, लकड़ी लाने या शौच के लिए जंगल जाने के दौरान अकेले न जाएं। हमेशा समूह में जाएं और चलते समय आवाज करते रहें, ताकि जंगली जानवरों से अचानक सामना न हो। विभाग ने लोगों से कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें, जिससे समय पर कार्रवाई कर लोगों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

