जाह्नवी कपूर ने मलयालम फिल्मों को कहा बाय बाय

Manu Shrivastava
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बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर इन दिनों साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान मजबूत करने में जुटी हैं। 2024 में देवरा: पार्ट 1 के जरिए तेलुगु सिनेमा में डेब्यू करने के बाद उन्होंने 2025 में सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ फिल्म परम सुंदरी के जरिए मलयालम फिल्मों में कदम रखा। हालांकि, अब उन्होंने स्वीकार किया है कि मलयालम भाषा में काम करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

भाषा बनी सबसे बड़ी चुनौती

हाल ही में एक बातचीत के दौरान जाह्नवी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह दोबारा मलयालम फिल्म करने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद खूबसूरत और मधुर भाषा है, लेकिन मेरे लिए इसे सही ढंग से बोलना काफी मुश्किल है। मुझे लगता है कि यह मेरे बस की बात नहीं है।”

तमिल और तेलुगु में ज्यादा सहज महसूस करती हैं

अभिनेत्री ने बताया कि तमिल और तेलुगु भाषाओं के उच्चारण और शब्दों से वह काफी हद तक परिचित हैं। यही वजह है कि इन भाषाओं में काम करना उनके लिए अपेक्षाकृत आसान रहा है। फिलहाल वह तेलुगु फिल्मों में काम करने का आनंद ले रही हैं और आगे चलकर तमिल सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं।

‘परम सुंदरी’ को झेलनी पड़ी आलोचना

फिल्म परम सुंदरी को रिलीज के बाद मलयाली संस्कृति और भाषा के चित्रण को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। खासतौर पर जाह्नवी कपूर के संवादों के उच्चारण और डायलॉग डिलीवरी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कई दर्शकों का मानना था कि फिल्म में स्थानीय भाषा और संस्कृति को पूरी तरह प्रामाणिक रूप में नहीं दिखाया गया।

सोशल मीडिया पर हुई थीं ट्रोल

एक लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने फिल्म की आलोचना करते हुए कहा था कि गलत उच्चारण के साथ-साथ कई मलयालम शब्द भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फिल्म की शूटिंग केरल में हुई थी तो निर्माताओं ने किसी स्थानीय भाषा विशेषज्ञ की मदद क्यों नहीं ली। इस विवाद के बाद जाह्नवी को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।

 

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