
दयानंद राय
झारखंड में राज्यसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है, राज्यसभा चुनाव के लिए 8 जून तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है जबकि नामांकन वापस लेने की तारीख 11 जून है। इसके साथ ही ये कहा जा सकता है कि वर्ष 2026 के राज्यसभा चुनावों के केंद्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं। केंद्र में इसलिए क्योंकि राज्यसभा चुनाव की एक सीट पर तो झामुमो उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है। वहीं दूसरी सीट पर भी जीत के लिए जरूरी वोटों के आंकड़े उसके पक्ष में हैं। राजनीति के गलियारे में चर्चा है कि महागठबंधन की ओर से दूसरी सीट पर उम्मीदवार कांग्रेस का होगा, और जो उम्मीदवार होगा वो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पसंद का होगा। यानि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यसभा चुनाव 2026 में केंद्रीय भूमिका यानि हीरो की भूमिका में हैं।
इधर, भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है और इसके लिए तीन नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे भी जा चुके हैं। जो तीन नाम भेज गए हैं उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन् मुंडा, आशा लकड़ा और धनबाद के भाजपा नेता नंदलाल अग्रवाल के नाम शामिल हैं। लेकिन भाजपा के साथ दिक्कत ये है कि एनडीए फोल्डर में एक उम्मीदवार को जिताने के लिए केवल 24 वोट हैं। बाकी के 4 वोटों का जुगाड़ भाजपा उम्मीदवार को करना होगा, जबकि महागठबंधन के पास 56 वोट हैं और उसके पास दो उम्मीदवारों को जीत दिलाने का पूरा आंकड़ा है। इसलिए भाजपा की तुलना में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के राज्यसभा चुनाव में जीत कर जाने के आसार ज्यादा हैं। हालांकि ये तो चुनाव के परिणाम तय करेंगे कि किसके सिर पर जीत का सेहरा बंधता है और किसके हाथ हार आती है।
कांग्रेस भी हो चुकी है रेस
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व रेस हो चुका है। पार्टी एक सीट पर अपना उम्मीदवार देना चाहती है। लेकिन वो उम्मीदवार ऐसा होगा जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पसंद का होगा। ऐसी चर्चाएं राजनीति के गलियारे में गर्म है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क, झारखंड प्रभारी के राजू और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ वार्ता हो चुकी है। अब बात भाजपा की करें तो एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक भाजपा प्रत्याशी को अपना वोट दें तो भी भाजपा को जीत के लिए चार और विधायकों के प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता होगी। एक मत के लिए भाजपा जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो से समर्थन मांग सकती है। वहीं, तीन विधायकों के समर्थन के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में सेंध लगानी होगी। संभावना है कि भाजपा इसके लिए कांग्रेस में ही संभावना तलाशेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव का ऊंट किस करवट बैठता है।

