
नई दिल्ली : बम-बम भोले का जयकारा लगाने वाले श्रद्धालु जरा रुक जाएं। उत्तर भारत की सबसे खतरनाक तीर्थयात्रा श्रीखण्ड महादेव 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। एसडीएम निरमंड डॉ. जगदीप राठौर ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ अभी नहीं हुआ है। जो लोग बिना इजाजत जाओं, सिंहगाड़ या बराहटी नाला की तरफ बढ़ रहे हैं, वो अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक अभी पहाड़ों पर बर्फ पिघल रही है, मौसम बिगड़ रहा है और रास्ता जानलेवा बना हुआ है। सड़क की मरम्मत, टूटे पुलों की मरम्मत, मेडिकल कैंप, पेयजल और बचाव दल की तैनाती का काम चल रहा है। बिना इन इंतजामों के ऊपर जाना मतलब मौत को न्योता देना। एसडीएम जगदीप राठौर, जो श्रीखण्ड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी हैं, ने चेताया कि आधिकारिक घोषणा से पहले जाने वाला हर श्रद्धालु पूरी तरह खुद जिम्मेदार होगा।
श्रद्धालुओं के मन में सवाल है – तो भोले के दर्शन कब होंगे? एसडीएम ने बताया कि इस साल यात्रा शुरू करने और बीच-बीच की व्यवस्थाओं को फाइनल करने के लिए 16 जून को निरमंड में यात्रा ट्रस्ट की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी विभागों के अधिकारी और ट्रस्ट के सदस्य बैठकर तारीख, रजिस्ट्रेशन, मेडिकल और सुरक्षा का पूरा खाका तैयार करेंगे।
भोले की भक्ति में जल्दबाजी न करें
प्रशासन की सिर्फ एक ही अपील है-अपनी सुरक्षा स्वयं करें, प्रशासन का सहयोग करें। भोले के दर्शन की आस्था सबसे बड़ी है, लेकिन जिंदा रहेंगे तभी दर्शन होंगे। थोड़ा इंतजार कर लीजिए। आधिकारिक ऐलान होते ही भोले के द्वार खुल जाएंगे और फिर 18570 फीट की चोटी पर विराजे शिवलिंग के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ेगा।

