10 वर्षीय MBBS बॉन्ड के प्रस्ताव पर भड़का RIMS जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन, सरकार से कर दी ये मांग

रांची स्थित रिम्स के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने एमबीबीएस छात्रों के लिए प्रस्तावित 10वर्षीय अनिवार्य सेवा बॉन्ड का विरोध करते हुए इसे मनमाना बताते हुए वापस लेने की मांग की

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रांची: रिम्स के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए कथित 10 वर्षीय अनिवार्य सेवा बॉन्ड लागू करने की संभावना पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस तरह का प्रस्ताव मनमाना, असंवेदनशील और मेडिकल छात्रों तथा युवा डॉक्टरों की वास्तविक समस्याओं से पूरी तरह कटे हुए दृष्टिकोण को दर्शाता है।

जेडीए ने कहा कि राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी का समाधान दंडात्मक बॉन्ड नहीं, बल्कि स्थायी नियुक्ति, पारदर्शी सेवा शर्तें, बेहतर आधारभूत संरचना, उचित वेतन, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण है। संगठन का कहना है कि 10 वर्ष की अनिवार्य सेवा छात्रों पर संस्थागत दबाव डालने जैसा होगा और यह लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्र ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करनी होगी। जेडीए ने चेतावनी दी कि ऐसे प्रस्ताव मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिवारों में भय व अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने सरकार से कथित 10 वर्षीय एमबीबीएस बॉन्ड प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने या स्पष्ट करने, डॉक्टरों की नियमित भर्ती करने, ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी नई नीति से पहले छात्रों, जूनियर डॉक्टरों और विशेषज्ञ संगठनों से व्यापक परामर्श करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और मानवीय नीतियां अपनाई जानी चाहिए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।