
रांची : राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की जीत की पटकथा पर्दे के पीछे लिखी जा चुकी है। अब सिर्फ परिणाम का इंतजार है। क्रॉस वोटिंग का प्लॉट तैयार है। चुनाव को लेकर रांची, दिल्ली और पटना तक हलचल तेज है। क्रॉस वोटिंग की संभावना ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और कांग्रेस के बड़े नेताओं की नींद उड़ा दी है। क्रॉस वोटिंग इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ-साथ कांग्रेस में भी होने की संभावना है। यानी कांग्रेस में ही सब कुछ ठीक नहीं है। जब अपना घर ही ठीक नहीं है तब दूसरे का घर ठीक होगा इसकी क्या गारंटी है।
हमारे पास जैसी सूचना है और चुनाव में यदि यह सच हुआ तो नाथवानी को 30-31 से अधिक वोट मिलेंगे। जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम से आगे निकल जाएंगे। जीत को लेकर नाथवानी आत्मविश्वास से भरे दिख रहे हैं। क्योंकि सब कुछ सेट हो चुका है। पटकथा लिखी जा चुकी है। राजद के विधायक पिछले दिनों लालू यादव के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बहाने पटना गए थे। राज्यसभा चुनाव में क्या करना है. लालू और तेजस्वी ने अपने विधायकों को संदेश दे दिया है। इशारा है, बिहार का बदला झारखंड में। बाकी बातें पर्दे के पीछे। नाथवानी की मुलाकात दिल्ली में इस पार्टी के बड़े नेताओं से पिछले दिनों हुई थी।
इधर, सरकार को समर्थन दे रहे दो-तीन विधायक नाथवानी के संपर्क में हैं। इन लोगों ने साथ देने का भरोसा दिया है। जयराम महतो भी नाथवानी के साथ ही जाएंगे इसकी पूरी संभावना है।
इधर, इंडिया गठबंधन को एकजुट करने की कोशिश तो हो रही है लेकिन इसमें कितनी सफलता मिलेगी यह चुनाव परिणाम बताएगा। झामुमो और कांग्रेस के अंदरखाने भी सब कुछ ठीक नहीं है। इसका असर परिणाम पर पड़ सकता है। राजनीतिक हलकों में सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी की हार होती है तो सरकार का भविष्य क्या होगा। कांग्रेस क्या करेगी। संभावना है कि कांग्रेस सरकार से बाहर नहीं जाएगी, क्योंकि उसकी अपनी राजनीतिक मजबूरी है।
सरकार को लेकर फैसला हेमंत सोरेन को लेना है। हेमंत सोरेन जब तक चाहेंगे कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाएंगे। यदि वह कोई नया समीकरण बनाते हैं तो इसका फैसला भी उन्हीं को लेना है। सब कुछ हेमंत सोरेन के हाथ में ही है। 18 जून की तिथि झारखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होने वाली है।

