
रांची: रांची के सदर अस्पताल में डीएनबी की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। जिससे अब अस्पताल में मरीजों को 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकेंगी। अस्पताल परिसर में स्थित डॉक्टर्स हॉस्टल का कायाकल्प किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस हॉस्टल के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च किए जा रहे है। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल शिक्षा दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
सदर अस्पताल परिसर में स्थित इस बहुमंजिला हॉस्टल का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से हुआ था, जो लंबे समय से देखरेख के अभाव में था। अब 2.70 करोड़ रुपये से इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे यहां रहने वाले डॉक्टरों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रभात कुमार ने बताया कि हॉस्टल चालू होने में अभी 3 महीने का समय लगेगा। कुछ-कुछ कम बचे हुए हैं जिसे पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
हॉस्टल में कुल 90 कमरे हैं। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद यहां डीएनबी कोर्स करने वाले जूनियर डॉक्टर और अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट्स रह सकेंगे। हॉस्टल चालू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि डॉक्टर हर समय अस्पताल कैंपस में ही मौजूद रहेंगे। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सीनियर या विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।800 बेड के इस भव्य सदर अस्पताल में हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डीएनबी की पढ़ाई शुरू होने और डॉक्टरों के कैंपस में रहने से रात के समय भी मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा।
क्या है डीएनबी कोर्स और इसका फायदा?
डीएनबी (DNB) पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स है, जो एमडी (MD) या एमएस (MS) के समकक्ष होता है। सदर अस्पताल में इसकी पढ़ाई शुरू होने से अस्पताल को सीधे तौर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक बड़ी टीम मिल जाएगी। ये डॉक्टर पढ़ाई के साथ-साथ अस्पताल के विभिन्न विभागों (जैसे गायनी, पीडियाट्रिक्स, मेडिसिन) में अपनी सेवाएं देंगे, जिससे सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर किसी बड़े मेडिकल कॉलेज की तरह हो जाएगा।

