
जमशेदपुर: शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के विरोध में बीजेपी ने 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया। इस बंद को जेडीयू, आजसू, एलजेपी, एनसीपी समेत कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। बंद को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। धालभूम एसडीओ ने शहर के छह प्रमुख थाना क्षेत्रों में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा की अवधि 3 जुलाई की रात 10 बजे तक बढ़ा दी।
शुक्रवार सुबह से ही एनडीए के आह्वान पर बुलाए गए जमशेदपुर बंद का शहरभर में असर देखने को मिला। हिमांशु सिंह की हत्या और लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में अधिकांश बाजारों में दुकानें बंद रहीं। सुबह से ही बीजेपी और एनडीए के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रमुख बाजारों व चौक-चौराहों पर प्रदर्शन करते हुए लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील की।
साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो और गोलमुरी जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाले। कई जगहों पर खुली दुकानों के संचालकों से शांतिपूर्ण तरीके से दुकानें बंद करने का अनुरोध किया गया। अधिकांश व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं, जिसके कारण सुबह के समय बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रौनक दिखाई दी।
साकची गोलचक्कर और बिष्टुपुर बाजार समेत कई प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। लगातार हो रही हत्या, लूट और छिनतई जैसी घटनाओं के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।

