
नई दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब एक बार फिर 17 जुलाई को जींद आ रहे हैं, तो शहर के गांधीनगर में एक ऐसा घर भी है, जहां आज भी उनके संघर्ष के दिनों की अनगिनत यादें बसी हुई हैं और जिन्हें सहेजकर रखा गया है। यह वही घर है, जहां संगठन मंत्री के रूप में जींद आने पर नरेंद्र मोदी ठहरते थे। उस समय न कोई सरकारी तामझाम था, न सुरक्षा का घेरा और न ही प्रधानमंत्री जैसी व्यस्तता। एक साधारण कार्यकर्ता की तरह आते, परिवार के बीच रहते और संगठन के काम में जुट जाते।
गांधी नगर में यह घर है रामेश्वर दास गुप्ता का
जींद के गांधी नगर के जिस घर में पीएम नरेंद्र मोदी की पुरानी यादें आज भी सांस ले रही हैं, वह घर किसी और का नहीं बल्कि बीजेपी और संघ के हरियाणा के बहुत बड़े नेता और चेहरा रहे स्वर्गीय लाला रामेश्वर दास गुप्ता का है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेंद्र मोदी इस घर को नहीं भूले। करीब 12 साल पहले जींद में प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के सामने खुद इस घर का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि संगठन के दिनों में जींद आने पर वह लाला रामेश्वर दास गुप्ता के घर के एक कमरे में ठहरते थे और उसी कमरे की खूंटी पर उनका झोला टंगा रहता था। प्रधानमंत्री के मुंह से यह बात सुनकर उस दिन गुप्ता परिवार भी भावुक हो उठा था।

