
लातेहार: महुआडांड़ शिक्षा और सुरक्षा दोनों खतरे में। महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत स्थित रा. प्रा. विद्यालय भेड़ी गंझार में अब क्लासरूम की जगह तंबू लेने जा रही है। स्कूल भवन इतना जर्जर हो चुका है कि हर रोज छत से प्लास्टर के टुकड़े बच्चों के सिर पर गिर रहे हैं। जान जाने के डर से शिक्षकों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल के बाहर ही तंबू गाड़कर पढ़ाई शुरू करने की नौबत आ चुकी है
तंबू में बच्चो की पढ़ाई कराने की तैयारी , धूप-बारिश की परवाह नहीं
धूप हो या बारिश, शिक्षक और बच्चे अब खुले आसमान के नीचे तंबू में बैठकर पढ़ाई कराने को मजबूर है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका पार्वती तिर्की ने बताया कि भवन की हालत इतनी खराब है कि एक भी दिन क्लास लेना जान जोखिम में डालने जैसा है। इसलिए मजबूरी में तंबू का सहारा लेना पड़ रहा है।
आंगनबाड़ी भी जर्जर
प्रखंड शिक्षा विभाग ने पत्रांक 175, दिनांक 07.07.2026 के द्वारा स्कूल को आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लेकिन जब शिक्षकों ने आंगनबाड़ी भवन का मुआयना किया तो वहां की स्थिति स्कूल से भी बदतर निकली। अभिभावकों ने भी वहां बच्चों को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसको लेकर स्कूल प्रभारी पार्वती तिर्की ने BEEO महुआडांड़ को लिखित आवेदन देकर मांग की है कि बच्चों एवं शिक्षकों को बिना कुछ नुकसान पहुंचे विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य कराने का उचित उपाय किया जाए। स्कूल की दुर्दशा देखकर पंचायत के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने सरकार से अविलंब नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की है।

