
रांची: राजधानी रांची में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए रांची नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर एक व्यापक जागरूकता और सर्वे अभियान छेड़ दिया है। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि नगर निगम के वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में पिछले एक महीने से यानी 16 जून से लगातार लार्वा खोज अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम और लार्वीसाइडल गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर लोगों को डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। लोगों को सख्त हिदायत दी जा रही है कि वे अपने घरों या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें।
इस महाअभियान के दौरान अब तक कुल 445 घरों का सघन निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें से 29 घरों में डेंगू के जिंदा लार्वा पाए जाने से हड़कंप मच गया है। इसके अलावा टीमों ने कुल 2,760 पानी के कंटेनरों और बर्तनों की बारीकी से जांच की, जिनमें से 61 कंटेनरों में लार्वा की उपस्थिति दर्ज की गई है। नगर निगम की टीम ने इन सभी चिन्हित स्थलों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लार्वा को नष्ट कर दिया है और मकान मालिकों को जरूरी परामर्श भी जारी किया है।
इस बीच केवल घरों में ही नहीं बल्कि मलेरिया से बचाव को लेकर शहर के विभिन्न विद्यालयों में भी बच्चों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लोगों को इस लड़ाई से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर रविवार, मच्छर पर वार जैसे बड़े जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि हर नागरिक मच्छरजनित बीमारियों के प्रति सतर्क रह सके।
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने आम जनता से बेहद भावुक और जरूरी अपील की है कि वे अपने आसपास पूरी तरह स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर जांच कराएं।

