
साउथ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री शीना चौहान जल्द ही पैन-इंडियन तेलुगु थ्रिलर फिल्म ‘झटस्य मरणं ध्रुवम’ में एक दमदार आईपीएस अधिकारी की भूमिका निभाती नजर आएंगी। इस किरदार के लिए उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्तर पर गहन तैयारी की है। अभिनेत्री का मानना है कि किसी भी किरदार को प्रभावशाली बनाने के लिए केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व और परिस्थितियों को गहराई से समझना भी जरूरी होता है। यही वजह है कि उन्होंने इस रोल के लिए खुद को पूरी तरह तैयार किया।
चुनौतीपूर्ण किरदारों से मिलता है सीखने का मौका
शीना चौहान ने बताया कि उन्हें हमेशा ऐसे किरदार आकर्षित करते हैं, जो उन्हें अपनी सीमाओं से बाहर निकलने का अवसर दें। उनके अनुसार, एक कलाकार की असली सीख तभी होती है, जब वह खुद को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से चुनौती देता है। थिएटर से जुड़ी पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें किसी भी किरदार पर रिसर्च करना, उसकी भावनाओं, सोच, बॉडी लैंग्वेज और जीवनशैली को समझना बेहद पसंद है। यही प्रक्रिया उनके अभिनय को और अधिक प्रभावशाली बनाती है।
चाहती हैं किरदार याद रहे, सिर्फ चेहरा नहीं
अभिनेत्री का कहना है कि वह हर भूमिका में इस तरह घुल जाना चाहती हैं कि दर्शकों को फिल्म खत्म होने के बाद भी उनका किरदार लंबे समय तक याद रहे। उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि तब होगी, जब लोग स्क्रीन पर शीना चौहान नहीं, बल्कि उस किरदार को महसूस करें जिसे उन्होंने निभाया है। उन्होंने कहा कि जो रोल उन्हें उत्साहित करता है और चुनौती देता है, वही उनके लिए सही चुनाव होता है। यही सोच उन्हें हर नए प्रोजेक्ट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

