भाजपा को नए कानून का नहीं अपने राजनीतिक चरित्र का संशोधन करना चाहिए : राकेश सिन्हा

सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल।

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रांची : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को भाजपा सरकार की नाकामी छिपाने का राजनीतिक हथकंडा बताते हुए कहा कि यह विधेयक नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के साथ हुए विश्वासघात पर पर्दा डालने की बेशर्म कोशिश है। सिन्हा ने कहा कि जिस सरकार के शासनकाल में हर बड़ी भर्ती परीक्षा पेपर लीक की भेंट चढ़ी, वही सरकार आज ईमानदारी और पारदर्शिता का प्रवचन दे रही है। यह देश के युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। भाजपा को पहले यह बताना चाहिए कि उसके राज में आखिर पेपर लीक माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण किसके इशारे पर मिलता रहा?

उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के युवाओं का भविष्य पेपर लीक उद्योग के हवाले कर दिया। लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत, माता-पिता की गाढ़ी कमाई और उनके सपनों को इस सरकार ने बेरहमी से कुचल दिया। अब जब देशभर में युवा भाजपा से जवाब मांग रहे हैं तो सरकार नया कानून लाकर अपनी नाकामी छिपाने का नाटक कर रही है। सिन्हा ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा सरकार इतनी ही ईमानदार थी तो पिछले कानून के रहते हुए NEET, भर्ती परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक कैसे हुए? क्या कानून कमजोर था या सरकार की नीयत कमजोर थी? सच्चाई यह है कि भाजपा ने पेपर लीक माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय युवाओं को सिर्फ झूठे आश्वासन दिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा की पहचान अब “डबल इंजन” नहीं बल्कि “डबल धोखा” बन चुकी है—एक तरफ रोजगार नहीं, दूसरी तरफ जो परीक्षाएं होती हैं, वे भी पेपर लीक की भेंट चढ़ जाती हैं। यह सरकार युवाओं को रोजगार नहीं, केवल निराशा, बेरोजगारी और धोखा दे रही है। सिन्हा ने कहा कि भाजपा को नए कानून का नहीं, अपने राजनीतिक चरित्र का संशोधन करना चाहिए। जब तक परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, पेपर लीक के पीछे बैठे बड़े संरक्षणकर्ताओं को जेल नहीं भेजा जाएगा और भ्रष्ट अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कोई भी कानून केवल कागजी साबित होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि देश का युवा अब भाजपा के छलावे में आने वाला नहीं है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों का राजनीतिक हिसाब देश की जनता अवश्य करेगी। कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक युवाओं के अधिकार, निष्पक्ष भर्ती, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और हर पेपर लीक के दोषियों को कठोर सजा दिलाने की लड़ाई पहले से अधिक मजबूती से लड़ती रहेगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।