
रांची: राजधानी में डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। सिविल सर्जन कार्यालय रांची के निर्देश पर शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में व्यापक स्तर पर डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष मुहिम के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम हर दिन शहर के 7 अलग-अलग वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। टीम संभावित मरीजों की पहचान करने, बुखार से पीड़ित लोगों का ब्योरा जुटाने और मच्छरों के पनपने वाले संभावित ठिकानों को नष्ट करने में जुटी है।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घरों में रखे कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और जलभराव वाले अन्य स्थानों की गहन जांच की। निरीक्षण के साथ-साथ लोगों को जलजमाव न होने देने और आसपास साफ-सफाई रखने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने नागरिकों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘ड्राई डे’ (सूखा दिवस) जरूर मनाएं, ताकि मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर की सलाह लें। इसके अलावा बचाव के तौर पर पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनने, रात में मच्छरदानी लगाने और मच्छररोधी क्रीम या लिक्विड का नियमित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

