
फिल्म ‘रामायण’ में रावण की भूमिका निभा रहे अभिनेता यश ने बताया कि इस प्रतिष्ठित किरदार को निभाना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि बचपन में उनके दादाजी उन्हें रामायण की कथा सुनाया करते थे, इसलिए रावण का चरित्र उनके लिए सिर्फ एक खलनायक नहीं, बल्कि एक जटिल व्यक्तित्व भी रहा है। यश के अनुसार, रावण का किरदार पहले भी कई दिग्गज कलाकार निभा चुके हैं, इसलिए सबसे बड़ा दबाव यही था कि वह इसमें नया क्या लेकर आएं।
निर्देशक ने दी रचनात्मक आजादी
यश ने कहा कि निर्देशक नितेश तिवारी और लेखकों ने उन्हें अपने तरीके से रावण को समझने और प्रस्तुत करने की पूरी स्वतंत्रता दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि रावण के हर फैसले के पीछे उसकी सोच और उद्देश्य क्या था। उनके मुताबिक, किसी स्थापित किरदार को निभाने में अभिनेता पर अतिरिक्त दबाव होता है, क्योंकि दर्शकों के मन में पहले से उसकी एक मजबूत छवि बनी होती है।
कास्टिंग विवाद पर रणबीर कपूर का जवाब
कॉमिक कॉन 2026 के दौरान रणबीर कपूर ने पहली बार भगवान राम की भूमिका में अपनी कास्टिंग को लेकर हुई आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के मन में भगवान राम की अपनी अलग छवि होती है और किसी एक अभिनेता को अंतिम रूप नहीं माना जा सकता। रणबीर ने कहा कि कुछ लोगों को वह इस भूमिका के लिए उपयुक्त लगेंगे, जबकि कुछ असहमत होंगे, लेकिन उनके लिए सबसे अहम बात इस किरदार के प्रति श्रद्धा, ईमानदारी और आस्था है।
शिव भजन से करते थे किरदार की तैयारी
यश ने शूटिंग के दौरान का एक दिलचस्प अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह सेट पर बड़े स्पीकर लेकर आते थे और तेज आवाज में भगवान शिव के भजन सुनते थे। चूंकि रावण भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है, इसलिए वह उसी भाव में खुद को पूरी तरह डुबोना चाहते थे। इस पर रणबीर कपूर ने हंसते हुए कहा कि यश के तेज संगीत से पूरे सेट का माहौल बदल जाता था और सभी उसी धुन में काम करते थे।

