
नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी आपराधिक मामला बुधवार को बंद कर दिया और उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाले आदेश रद्द कर दिए।
पूर्व प्रधानमंत्री का 27 दिसंबर 2024 को निधन हो गया था और अब इस हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में औपचारिक रूप से बरी हो गए हैं। दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद 2015 में मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर समन भेजा था।
कोर्ट का मानना था कि मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख और अन्य के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ने के लिए सबूत मौजूद थे। मनमोहन सिंह ने उस दौरान सुप्रीम कोर्ट में समन को चुनौती दी और तर्क दिया कि जांच एजेंसी को मुकदमा चलाने लायक कोई मामला नहीं मिलने के बावजूद ट्रायल कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेकर गलती कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अप्रैल 2015 में ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगा दी, जिससे मनमोहन सिंह को मुकदमे का सामना नहीं करना पड़ा। अदालत में यह अपील एक दशक से अधिक समय तक लंबित रही और दिसंबर 2024 में मनमोहन सिंह के निधन के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को निष्फल मानकर निपटा दिया है, जिससे पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई है।

