
परहाटोली पंचायत के सैकड़ों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त, बाजार-पंचायत आना भी हुआ मुश्किल
लातेहार : महुआडांड़ में बारिश की पहली बूंद के साथ ही दातूखाड़ गांव का जिला मुख्यालय और पंचायत से संपर्क टूट गया है। वजह साफ है। महुआडांड़ प्रखंड के परहाटोली पंचायत अंतर्गत दातूखाड़ गांव जाने के लिए ग्रामीणों को रास्ते में आनेवालीं 3-3 नदियों को पार करना पड़ता है। इस बरसात में तीनों नदियां उफान पर हैं। नतीजा ये कि क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण पिछले कई दिनों से टापू की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं।
नदी पार नहीं तो जीवन ठप
दातूखाड़ जाने वाले रास्ते में आने वाली तीनों नदियों पर न कोई पुल है, न ही कोई पक्का चचरी। बरसात में पानी कमर से ऊपर बहने लगता है। ऐसे में स्कूली बच्चे, मरीज, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह जा रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि बाजार, बैंक, अस्पताल और पंचायत का कोई भी जरूरी काम करने के लिए उन्हें 5 से 6 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ता है। लेकिन नदी में पानी रहने के कारण वो भी संभव नहीं हो पाता। ग्रामीण ने दर्द बयां करते हुए कहा बीमार पड़ जाएं तो कंधे पर ढोकर ले जाना पड़ता है। राशन, दवा, सब्जी कुछ नहीं मिल पाता। 3 महीने तक हमारा गांव दुनिया से कटा रहता है।
कई काम हुए ठप, जनजीवन बेहाल
नदी में पानी रहने से खेती-किसानी, मजदूरी, बच्चों की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना भी बंद हो जाता है। आंगनबाड़ी सेविका और शिक्षक भी गांव तक नहीं पहुंच पाते। मोबाइल नेटवर्क भी नदी पार करने पर ही आता है।बरसात के 4 महीने तक दातूखाड़ के लोग हर साल इसी समस्या से जूझते हैं। हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता।
इस गंभीर समस्या को लेकर परहाटोली पंचायत के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से दातूखाड़ जाने वाली तीनों नदियों पर पुल निर्माण की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है हम टैक्स देते हैं, वोट देते हैं। फिर भी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। अगर समय रहते पुल नहीं बना तो बरसात में कोई अनहोनी हो सकती है। उन्होंने लातेहार डीसी से मांग की है कि तीनों नदियों पर अविलंब छोटे पुल सह पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि सालों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
क्या कहते है स्थानीय जन प्रतिनिधि
इस समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया और प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने नदी का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।एस्टेला नागेसिया ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के 79 साल बाद भी परहाटोली पंचायत का दातूखाड़ गांव जैसी जगह के लोगों को 3 नदियां पार करके आना-जाना पड़ रहा है। बरसात में बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और राशन सब ठप हो जाता है। लातेहार उपायुक्त से मांग करती हूं कि अविलंब तीनों नदियों पर पुल-सह-पुलिया का निर्माण कराया जाए।

