पेंशनभोगी संगठन ने पांच अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया, 7500 रुपये न्यूनतम मासिक पेंशन की मांग दोहराई

ईपीएस-95 पेंशनभोगी पांच अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये, डीए और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन का आह्वान किया।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: पेंशनभोगी संगठन ईपीएस-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये किए जाने की मांग के समर्थन में पांच अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है। यह व्यवस्था एक सितंबर, 2014 से लागू है। इस योजना का संचालन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करता है। समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, काफी समय से लंबित पेंशन सुधारों की मांग को लेकर ईपीएस-95 के तहत आने वाले हजारों पेंशनभोगी पांच अगस्त को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र होंगे।

विज्ञप्ति में कहा गया कि यह प्रदर्शन ईपीएस-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी के आह्वान पर किया जा रहा है। समिति का कहना है कि वर्षों से ज्ञापन देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार से अपील करने के बावजूद इस संबंध में कोई सार्थक नीतिगत फैसला नहीं लिया गया है। समिति की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये करना, महंगाई भत्ता (डीए) देना, पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना तथा उच्चतम न्यायालय के फैसलों के अनुरूप पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देना शामिल है।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि ईपीएस-95 के करीब 81 लाख पेंशनभोगी पिछले एक दशक से अधिक समय से इन मांगों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में ईपीएस-95 पेंशनभोगियों को औसतन केवल 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जो मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में बेहद अपर्याप्त है। समिति का कहना है कि देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में दशकों तक योगदान देने वाले श्रमिक ऐसी सेवानिवृत्ति आय के हकदार हैं जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसने कहा कि 7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन की मांग कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का न्यूनतम मानक सुनिश्चित करने की मांग है। समिति ने आगाह किया कि यदि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करती रही तो आत्मदाह ही उनका ‘‘अंतिम विकल्प’’ होगा।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।