गुजरात सरकार ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों में 6,868 स्वास्थ्य शिविर लगाए

गुजरात में बाढ़ के बाद बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 6,868 चिकित्सा शिविर लगाए, लाखों लोगों तक दवाएं, ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां पहुंचाईं।

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गांधीनगर: गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद बीमारियों के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित जिलों में 6,868 चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं, 18 हजार से अधिक निगरानी दल तैनात किए हैं और 7.6 लाख से अधिक लोगों को दवाएं वितरित की हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन की गोलियां और 10.29 लाख ओआरएस पैकेट घर-घर जाकर बांटे गए, जबकि मच्छर जनित संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए दक्षिण और मध्य गुजरात में 497 दल तैनात किए गए। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 6,868 चिकित्सा शिविर आयोजित किए, जहां 1.74 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई और उनका मौके पर ही इलाज किया गया।’’
मानसून से पहले और मानसून के दौरान सभी 34 जिलों और आठ नगर निगमों में एक व्यापक ‘मानसून कार्य योजना’ लागू की गई थी।

विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘नतीजतन, व्यापक बाढ़ और भारी बारिश के बावजूद जन स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बड़ी आपात स्थिति की सूचना नहीं मिली है, और बीमारियों का प्रकोप काफी हद तक नियंत्रण में रहा है।’’ इसमें कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग बारिश प्रभावित इलाकों में बनाए गए राहत शिविरों में रह रहे लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर रहा है। सरकार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 675 गर्भवती महिलाओं को समय रहते स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया, जहां सफलतापूर्वक 272 प्रसव कराए गए।

विज्ञप्ति के अनुसार, 18 हजार से अधिक निगरानी दल दैनिक आधार पर घर-घर जाकर दौरा कर रहे हैं और 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन की गोलियां तथा 10.29 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित कर चुके हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सूरत, तापी, वलसाड और नवसारी जिलों के 562 गांवों में 7.61 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले लोगों को ‘लेप्टोस्पायरोसिस’ से बचाव की दवाएं दी गईं। यह लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण पैदा करता है। एक अगस्त को दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई थी, जिससे अधिकारियों को प्रभावित जिलों विशेष रूप से सूरत और नवसारी से 27,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस सप्ताह उत्तर, दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों के साथ-साथ सौराष्ट्र क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।