रामगढ़ : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को रामगढ़ के नेमरा स्थित लुकैयाटांड़ में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेरे पिता राजनीति की पारंपरिक सीमाओं से बहुत आगे निकल चुके थे। उनके सामने पद, नेता, विधायक और मंत्री जैसे सभी परिचय छोटे पड़ जाते थे। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपने आंदोलन के माध्यम से न केवल झारखंड को एक अलग पहचान दिलाई, बल्कि एक महान जननायक के रूप में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज का दौर नई पीढ़ी का दौर है। हमारे युवाओं में अपार ऊर्जा और असीम संभावनाएं हैं। लेकिन हर शक्ति के साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं। इसलिए यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी नई पीढ़ी को सही दिशा दें, ताकि वे भटकने न पाएं।
आज स्मृति शेष दिशोम गुरुजी के विचार और आदर्श केवल उनकी जन्मस्थली, पंचायत या गाँव तक सीमित नहीं हैं। पूरे झारखंड में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ दिनों से मौसम प्रतिकूल रहा हो और आयोजन की तैयारियों में कहीं कोई कमी रह गई हो, लेकिन इसके बावजूद आज पूरे राज्य में लोग स्मृति शेष दिशोम गुरुजी को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। हर जिले में राजनीतिक बंधनों से ऊपर उठकर समाज के लोग एकजुट हुए हैं।


