रांची: राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के पुत्र ऋषभ कुमार की कथित दोहरी नियुक्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रबंधन ने कार्रवाई तेज कर दी है। रिम्स प्रबंधन इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही झारखंड हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि कर्मचारी ने बिना औपचारिक इस्तीफा दिए या बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के दूसरे संस्थान में योगदान दिया है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक ऋषभ कुमार रिम्स के मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में ट्यूटर के पद पर कार्यरत थे। रिम्स के अपर अधीक्षक ने खुलासा किया कि उन्होंने बिना किसी औपचारिक इस्तीफे के और बिना छुट्टी स्वीकृत कराए लखनऊ के एक निजी मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक एवं डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट के रूप में योगदान दे दिया। रिम्स प्रबंधन द्वारा अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकृत नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार यह मामला पहले से ही झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है। इसलिए रिम्स प्रबंधन अब पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत को वस्तुस्थिति से अवगत कराने की तैयारी में है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि कर्मचारी की वर्तमान सेवा स्थिति क्या है और प्रबंधन की ओर से अब तक इस विषय में क्या-क्या कार्रवाई की गई है।


