रांची: एस्कॉट इंटरनेशनल स्कूल में विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के स्टूडेंट्स नृत्य, गीत, कविता एवं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से आदिवासी संस्कृति व प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव की झलक प्रस्तुत की। नाटक के माध्यम से स्टूडेंट्स ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया। इस दौरान चिपको आंदोलन और पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से आदिवासी जीवनशैली, परंपराओं में आ रहे परिवर्तन को भी प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।


प्रिंसिपल शादान आलम ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उनका जीवन प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने स्टूडेंट्स से आदिवासी परंपरा के साथ प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
निदेशक कुणाल कश्यप ने कहा कि विकास तभी सार्थक और स्थायी हो सकता है, जब वह प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करते हुए आगे बढ़े। उन्होंने स्टूडेंट्स को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। मौके पर वाइस प्रिंसिपल विकास भार्गव सहित स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


