
मुंबई: देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल कर करीब एक लाख करोड़ रुपये के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) कर्ज का जोखिम आकलन किया है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एसबीआई के प्रबंध निदेशक राम मोहन राव अमारा ने यहां वार्षिक ‘फाइबैक’ कार्यक्रम में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में 12 महीने के दौरान बैंक पांच करोड़ रुपये तक के ऋणों का जोखिम आकलन करने में सक्षम रहा। नए और मौजूदा दोनों ग्राहकों को मिलाकर करीब एक लाख करोड़ रुपये के ऋणों का आकलन किया गया।

