आरईआई एक्सपो से जैव ऊर्जा क्षेत्र में खुलेंगे 2,800 करोड़ रुपये के निवेश के अवसर : आईबीए

आरईआई एक्सपो 2026 से भारत के जैव ऊर्जा क्षेत्र में 2,800 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के अवसर खुलने की उम्मीद है, जिससे बायोगैस और सीबीजी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: भारत के जैव ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने कहा है कि अगले महीने आयोजित होने वाले रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (आरईआई) 2026 से जैव ऊर्जा क्षेत्र में ₹2,800 करोड़ से अधिक के नए निवेश का रास्ता खुल सकता है। इस बार एक्सपो में जैव ऊर्जा या बायोगैस को भारत के हरित विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में विशेष महत्व दिया जा रहा है।

आरईआई-2026 का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में होगा। आईबीए के मुताबिक, एक्सपो से अपेक्षित ₹2,800 करोड़ का निवेश ₹23,731 करोड़ के गोबरधन (गैल्वानाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) राष्ट्रीय चक्रीय जैव ऊर्जा योजना के कुल परिव्यय का करीब 12 प्रतिशत है।

केंद्र सरकार ने अगस्त, 2026 में गोबरधन योजना को मंजूरी दी थी, जो एक सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। वर्ष 2035-36 तक लागू रहने वाली इस योजना का उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को करीब दस गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश जुटाना और देश में संसाधनों के महत्तम उपयोग वाली जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

आईबीए के अनुसार, आरईआई-2026 में निवेशकों, परियोजना डेवलपर, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर नीतिगत पहल को बड़े पैमाने की परियोजनाओं में बदलने में मदद मिल सकती है। एक्सपो में इस बार जैव ऊर्जा मंडप अबतक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें 2025 की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।