चंडीगढ़ : सरकार ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ तथा दादरा और नगर हवेली में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की शुरुआत की है। सीबीडीसी आधारित डीबीटी मॉडल के तहत पात्र पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों को पारंपरिक बैंक खाता हस्तांतरण के बजाय सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में खाद्य सब्सिडी मिलेगी। इस सब्सिडी का उपयोग एक सुरक्षित, निगरानी योग्य और वास्तविक समय वाले डिजिटल भुगतान तंत्र के माध्यम से सूचीबद्ध व्यापारियों से खाद्यान्न खरीदने के लिए किया जा सकता है।

चंडीगढ़ तथा दादरा और नगर हवेली पात्र पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों को उनके सीबीडीसी वॉलेट में सीधे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (डिजिटल रुपया) टोकन के रूप में खाद्य सब्सिडी हस्तांतरण को लागू करने वाले देश के पहले केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं। यहां इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे।
जोशी ने कहा कि डिजिटलीकरण से पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने में मदद मिल रही है और साथ ही अपात्र लोगों की पहचान करने में भी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई साल पहले डिजिटल लेनदेन की बात की थी, तब विपक्ष के कई लोगों ने आलोचना की थी, लेकिन आज अगर कोई देश सबसे ज्यादा डिजिटल लेनदेन करता है, तो वह भारत है।
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हमारे अन्न भंडार भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।


