कनाडा के एडमंटन में गुरुद्वारे में पेचकस से हमला, दो घायल, आरोपी हिरासत में

कनाडा के एडमंटन गुरुद्वारे में पेचकस से हमले में ग्रंथी समेत दो लोग घायल हुए। पुलिस घृणा अपराध के एंगल से जांच कर रही है, आरोपी गिरफ्तार है।

6 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

टोरंटो: कनाडा में एडमंटन के एक गुरुद्वारे में 27 वर्षीय व्यक्ति ने पेचकस से हमला कर एक ग्रंथी समेत दो लोगों को घायल कर दिया। प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी।पुलिस यह पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रही है कि यह हमला घृणा से प्रेरित था या नहीं। एडमंटन पुलिस सेवा (ईपीएस) ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि यह घटना शुक्रवार तड़के करीब पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) उत्तर-पूर्वी एडमंटन स्थित नानकसर सिख गुरुद्वारे में हुई। आरोपी गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और उसने अरदास स्थल में जाने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद झगड़ा बढ़ गया और आरोपी ने 75 और 51 वर्ष के दो लोगों पर हमला कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले वहां मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। ‘सीबीसी न्यूज’ की खबर के अनुसार, दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं। उसने बताया कि आरोपी भी घायल हुआ है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस हमले की निंदा की और सिख समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त की। कार्नी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह एडमंटन के नानकसर गुरुद्वारे में हुआ हमला भयावह है। घायल हुए दोनों लोगों और इस भयानक घटना से स्तब्ध पूरे समुदाय के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूजा स्थल पर किसी व्यक्ति को असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए। मैं त्वरित कार्रवाई करने के लिए एडमंटन पुलिस सेवा का धन्यवाद करता हूं।’’ ‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने सिख समुदाय के खिलाफ शुक्रवार को हुई इस हिंसा की निंदा की और संघीय जमानत एवं पैरोल कानूनों में सुधार की मांग की। स्मिथ ने कहा, ‘‘हर व्यक्ति को अपने समुदायों में और पूजा स्थल पर सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है और हम इस अधिकार की रक्षा करते रहेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस हमले से यह बात और स्पष्ट होती है कि संघीय सरकार को जमानत और पैरोल कानूनों में सुधार के मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।

अल्बर्टा में मुख्य विपक्षी दल के नेता नाहीद नेन्शी ने एडमंटन के गुरुद्वारे में हुई हिंसा को स्तब्ध करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पूजा स्थलों पर होने वाले अपराध विशेष रूप से चिंताजनक हैं और इस घटना से सिख समुदाय के लोग सदमे में हैं। ‘ग्लोबल न्यूज’ की खबर के अनुसार, पुलिस ने बताया कि हमले से कुछ समय पहले आरोपी को राजमार्ग-15 पर वाहनों के बीच पैदल चलते देखा गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 2015 से हिंसक हमलों के कई मामले दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार, हमले से एक दिन पहले ही उसे अल्बर्टा की एक संघीय जेल से रिहा किया गया था लेकिन वह एडमंटन में उसके लिए तय ‘हाफवे हाउस’ नहीं पहुंचा। ‘हाफवे हाउस’ एक ऐसा आवासीय केंद्र होता है, जहां जेल से रिहा लोगों को समाज की मुख्यधारा में सुरक्षित तरीके से लौटने में मदद की जाती है।

ईपीएस की जांच प्रतिक्रिया टीम ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और वह यह पता लगाने के लिए घृणा अपराध इकाई के साथ काम कर रही है कि हमला घृणा से प्रेरित था या नहीं। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ अभी आरोप तय नहीं किए गए हैं। ‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, नानकसर गुरुद्वारा गुरसिख टेंपल के उपाध्यक्ष जोरा ग्रेवाल ने घायलों की पहचान गुरुद्वारे के एक ग्रंथी और लंबे समय से वहां सेवा कर रहे एक स्वयंसेवक के रूप में की। ग्रेवाल ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर पेचकस से ग्रंथी पर कई वार किए और इसके बाद बुजुर्ग स्वयंसेवक पर हमला किया। उन्होंने कहा कि घटना में किसी सिख धर्मग्रंथ को नुकसान नहीं पहुंचा। ईपीएस प्रमुख वॉरेन ड्राइचेल ने कहा कि घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी को गंभीर चोट आई लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि इससे पीड़ितों और सिख समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शहर में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस इस घटना और एडमंटन के सिख समुदाय की सुरक्षा को गंभीरता से ले रही है। ‘सीबीसी न्यूज’ के अनुसार, वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा के अध्यक्ष दानिश सिंह ने कहा, ‘‘हम कनाडा के सभी गुरुद्वारों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे मजबूत करने और सतर्क रहने का आग्रह कर रहे हैं।’’ शुक्रवार की यह घटना अल्बर्टा के दो गुरुद्वारों को धमकी भरे फोन कॉल आने के कुछ दिन बाद हुई है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।