परिवहन मंत्रालय ने अप्रैल से नए दोपहिया वाहनों में केवल लो-बीम पर ऑटोमैटिक हेडलैंप का प्रस्ताव रखा

सड़क परिवहन मंत्रालय ने नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलैंप को केवल लो-बीम पर रखने का प्रस्ताव दिया है। नियम अप्रैल 2028 से लागू करने की योजना है।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नए दोपहिया वाहनों में ‘ऑटोमैटिक हेडलैंप’ को केवल पासिंग बीम यानी लो-बीम मोड में संचालित करने की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा है। इस व्यवस्था को एक अप्रैल, 2028 से लागू करने की योजना है।

इस कदम का मकसद सामने से आ रहे वाहनों की तेज लाइट के कारण अन्य वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को कम करना और उनके लिए दृश्यता बेहतर करना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना के मसौदे में कहा, ‘‘एक अप्रैल, 2028 या उसके बाद ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन (एएचओ) प्रणाली केवल पासिंग बीम में ही काम करेगी।’’

एएचओ प्रणाली वाहन की सेटिंग के आधार पर हेडलैंप को लो-बीम या हाई-बीम पर संचालित कर सकती है। प्रस्तावित नियम के तहत जब ऑटोमैटिक प्रणाली सक्रिय होगी, तब हेडलैंप लो-बीम पर ही रहेगा।

मसौदे के अनुसार, हाई-इंटेंसिटी हेडलैंप के लिए दोपहिया वाहनों में अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला (सीडी) से घटाकर एक लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। वहीं चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। कैंडेला रोशनी की तीव्रता मापने की आधिकारिक इकाई है।

राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य देश में रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।