

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मृदुल राज ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में आर्थिक न्याय के नाम पर दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं। आम आदमी की एक किस्त छूटने पर बैंक नोटिस भेज देता है, किसान कर्ज के बोझ में दबता है और छोटा कारोबारी कारोबार बचाने के लिए संघर्ष करता है, लेकिन बड़े कर्जदारों के हजारों करोड़ रुपये के मामलों में समझौते और राहत के रास्ते क्यों खुल जाते हैं?





मृदुल राज ने सुभाष चंद्रा से जुड़े कर्ज समाधान के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बड़े कर्जदारों के लिए व्यवस्था इतनी संवेदनशील और आम आदमी के लिए इतनी सख्त क्यों है। उन्होंने सवाल किया कि अगर हजारों करोड़ के कर्ज में समाधान और समझौता हो सकता है तो किसान, विद्यार्थी और छोटे कारोबारियों के लिए ऐसी राहत क्यों नहीं?
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का बोझ आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। महंगाई बढ़ रही है, रोजगार का संकट बना हुआ है और परिवार कर्ज की किस्तों में उलझे हैं। इसके बावजूद सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठते हैं।
मृदुल राज ने कहा, “गरीब की छोटी गलती पर वसूली का डंडा और बड़े कर्जदार के लिए बातचीत का रास्ता, यही अगर आर्थिक न्याय है तो सरकार बताए कि न्याय किसके लिए है?” उन्होंने कहा कि देश किसान, मजदूर, युवा और छोटे कारोबारियों से चलता है। सरकार को बड़े कर्जदारों और आम कर्जदारों के लिए समान नीति और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
