रांची विश्वविद्यालय में पिछले तीन वर्षों में हुई खरीदारी और निर्माण कार्यों की होगी विशेष जांच

रांची विश्वविद्यालय में तीन वर्षों की खरीदारी और निर्माण कार्यों की विशेष जांच होगी, वित्त विभाग ने ऑडिट टीम गठित की; वित्तीय अनियमितताओं समेत कई मामलों की पड़ताल होगी।

News Aroma
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रांची: झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने रांची विश्वविद्यालय में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान हुए क्रय, आपूर्ति और निर्माण व मरम्मत कार्यों की विशेष ऑडिट कराने के लिए 25 कार्य दिवस आवंटित करते हुए जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। वित्त विभाग द्वारा गठित विशेष अंकेक्षण दल विश्वविद्यालय के वित्तीय लेनदेन का ऑडिट कर पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में कई अन्य गंभीर मुद्दों की भी पड़ताल की जाएगी, जिनमें स्नातकोत्तर सत्र 2022-25 के परिणाम में देरी के कारण 30,000 छात्रों का भविष्य अधर में लटकना, शिक्षकों को मूल्यांकन का भुगतान न मिलने पर कॉपियां जमा न होना, पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 में धांधली के आरोप और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में शोध कार्य में अनियमितताओं जैसे मामले शामिल हैं।
दूसरी ओर, पलामू स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में हुए विशेष अंकेक्षण के दौरान करोड़ों रुपये के अवैध भुगतान की बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि कुलपति दिनेश सिंह ने मनपसंद अधिकारियों की नियुक्ति कर नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) को 2.68 करोड़ रुपये का भुगतान कराया, जिसके बाद राज्यपाल ने जांच के उद्देश्य से उनके द्वारा नियुक्त परीक्षा नियंत्रक को पद से हटा दिया है। साथ ही डॉ. शैलेश कुमार मिश्रा को गलत तरीके से रजिस्ट्रार के पद पर बनाए रखने के भी आरोप लगे हैं।

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