

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर संथाल परगना क्षेत्र में कथित बांग्लादेशी घुसपैठ के मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र में कथित तौर पर हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय जनजातीय अस्मिता के लिए गंभीर खतरा बताया है।





मरांडी ने अपने पत्र में संथाल परगना के पाकुड़, राजमहल, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर समेत अन्य विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख किया है। उन्होंने वर्ष 2019 से 2024 के बीच के आधिकारिक मतदाता आंकड़ों का हवाला देते हुए क्षेत्र में जनसंख्या के स्वरूप में कथित बदलाव का दावा किया है।
सरकारी और आदिवासी जमीन पर कब्जे का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए सरकारी जमीन, गोचर भूमि और आदिवासियों की पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि फर्जी वंशावली, जाली आधार कार्ड और अवैध जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से कथित बाहरी लोगों को स्थानीय स्तर पर स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के एक वर्ग की ओर से राजनीतिक हितों के चलते ऐसे लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
डिटेंशन सेंटर और निर्वासन की मांग
मरांडी ने केंद्रीय गृह मंत्री से कथित अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए प्रभावी अभियान चलाने, उनकी वैध नागरिकता की जांच करने और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने संदिग्ध विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर में रखने तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके निर्वासन के संबंध में उचित कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने केंद्र सरकार से संथाल परगना में बदलती जनसांख्यिकी, भूमि कब्जे और कथित अवैध घुसपैठ के मामलों की गंभीरता से जांच कराने की भी मांग की है।
