रांची : झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों की अलग-अलग मांगों को लेकर राज्य सरकार के सामने 9 सूत्री मांग-पत्र रखा है। एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सुविधाओं, वेतन-भत्तों, पदोन्नति और सम्मान से जुड़ी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
एसोसिएशन की सरकार से 9 प्रमुख मांगें
- विधायक जयराम महतो द्वारा किए गए कथित असंवैधानिक कृत्य के मामले में जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है।
- पुलिसकर्मियों के वेतनमान में बढ़ोतरी करने की मांग की गई है।
- पुलिसकर्मियों को मिलने वाले राशन भत्ते में बढ़ोतरी की मांग रखी गई है।
- मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों का पुनर्गठन करने की मांग की गई है। इसमें दुर्गम भत्ता, परिवहन भत्ता, ड्यूटी भत्ता, विशेष कर्तव्य भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता समेत अन्य भत्ते शामिल हैं।
- केंद्रीय पुलिस बलों की तर्ज पर झारखंड पुलिसकर्मियों के दो बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षा भत्ता देने की मांग की गई है।
- भारतीय पुलिस सेवा के अनुरूप झारखंड के पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य भत्ता देने की मांग की गई है।
- 10 साल से ज्यादा समय से एक ही जिला या इकाई में तैनात पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण करने की मांग की गई है। खास तौर पर नक्सल प्रभावित जिलों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों के तबादले की मांग की गई है।
- झारखंड में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को समयबद्ध तरीके से प्रोन्नति देने की मांग की गई है।
- पुलिसकर्मियों के साथ अमर्यादित और अभद्र व्यवहार करने वाले तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम में हस्तक्षेप करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून और स्पष्ट प्रावधान बनाने की मांग की गई है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन का ऐलान
अपनी मांगों को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने चरणबद्ध आंदोलन की भी घोषणा कर दी है। एसोसिएशन की ओर से जारी पत्र के मुताबिक 8 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक पुलिसकर्मी वर्दी पर काला-बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 19 सितंबर को सामूहिक उपवास किया जाएगा। वहीं 24 सितंबर को जिला स्तर पर धरना देने का फैसला लिया गया है। एसोसिएशन ने इसके बाद 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक छह दिनों के सामूहिक अवकाश का भी ऐलान किया है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है। साथ ही 9 सूत्री मांगों को पूरा कर पुलिसकर्मियों को न्याय देने की मांग की गई है।


