मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को ‘लोकतंत्र का स्तंभ’ करार दिया

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को लोकतंत्र का स्तंभ बताया। गोवा दौरे पर उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भूमिका सराही।

Razi Ahmad
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पणजी: दो सितंबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को ‘लोकतंत्र का स्तंभ’ करार दिया और मतदाता सूचियां तैयार करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका की सराहना की।

गोवा दौरे के दौरान बीएलओ से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमार ने कहा कि ‘युवा, ऊर्जावान और बिना थके काम करने वाले’ बीएलओ से मिलना उनके लिए शानदार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी भारत की चुनाव व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुमार के अनुसार, भारत में मतदाता सूचियां बीएलओ तैयार करते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त बीएलए इन सूचियों की जांच/ऑडिट करते हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में भी बनी रहती है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी/जांच उम्मीदवार या उनके पोलिंग एजेंट करते हैं। इसी तरह उम्मीदवारों के एजेंट मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखते हैं।

अंत में कुमार ने दावा किया कि भारत की चुनाव प्रक्रिया दुनिया की सबसे पारदर्शी चुनाव प्रक्रियाओं में से एक है।

ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे के तहत बुधवार को गोवा पहुंचे। वह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों तथा चुनाव से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।