श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की सदस्य निर्मला यादव ने ईमानदारी से काम का संकल्प जताया

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई सदस्य निर्मला यादव ने कहा कि भगवान राम ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। वह समर्पण और ईमानदारी से काम करेंगी।

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एटा (उप्र): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवनियुक्त सदस्य निर्मला यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि ईश्वर ने उन्हें इस पद के लिए चुना है और उन्होंने “समर्पण, कड़ी मेहनत और ईमानदारी” के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए आकांक्षा व्यक्त की। एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को बुधवार को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, ट्रस्ट में तीन नए न्यासियों शिक्षाविद् निर्मला यादव, अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और व्यवसायी-सामाजिक कार्यकर्ता महेश भागचंदका को भी शामिल किया गया।

ट्रस्ट में अपनी नियुक्ति के बारे में मीडिया से यादव ने कहा, ‘‘मैं केवल यही कहूंगी कि मुझे देशभर से चुना गया है, यह केवल एक संकेत है कि भगवान राम ने मुझे चुना है। उनकी दृष्टि और कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसमें मेरी या किसी और की कोई भूमिका नहीं है। उनकी कृपा मुझ पर और मेरे परिवार पर बनी रही।’’ उन्होंने कहा कि उनका चयन ‘‘मातृ शक्ति’’ की भागीदारी का भी प्रतिनिधित्व करता है। राम मंदिर ट्रस्ट में अपनी नयी जिम्मेदारी के बारे में यादव ने कहा कि वह पूरे समर्पण के साथ काम करेंगी और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगी।

यादव ने कहा, ‘‘चाहे प्रशासन हो, व्यवस्थाएं हों, सुविधाएं हों या सुरक्षा, जो भी सुधार संभव होगा मैं अपने सुझाव दूंगी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास करूंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब जब रामलला का बुलावा आया है तो मुझे पूरे समर्पण के साथ वहां काम करना है।’’ पूर्व प्राचार्य और शिक्षाविद यादव ने कहा कि वह कई दशकों से शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता महावीर सिंह यादव और मां राजवती का निधन हो चुका है, जबकि उनके ससुर सूर्य कुमार यादव एक पूर्व मेजर थे जो सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे।

उन्होंने कहा कि उनका परिवार धीरे-धीरे संघ से जुड़ गया और उनका परिचय आरएसएस और बजरंग दल के कई पदाधिकारियों से हुआ, जो 1983 में उनकी शादी के बाद उनके परिवार से मिलने आते थे। यादव ने कहा कि वह बाद में शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हो गईं और सरस्वती शिशु मंदिरों में काम किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी शिकोहाबाद के बालिका विद्या मंदिर की पहली छात्राओं में से थी, जो बाद में एक इंटरमीडिएट कॉलेज में बदल गया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने शिकोहाबाद में 1987 में बीडीएम म्यूनिसिपल गर्ल्स कॉलेज में व्याख्याता के रूप में काम किया और 1999 में आयोग के माध्यम से इसकी प्राचार्या चुनी गईं। उन्होंने 2006 में फिरोजाबाद में महात्मा गांधी पीजी कॉलेज की प्राचार्या के रूप में कार्यभार संभाला और 2022 में वहां से सेवानिवृत्त हुईं। यादव ने आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य के रूप में भी दो वर्षों तक कार्य किया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।