


भोपाल: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के बावजूद निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए निर्धारित सरकारी धन फर्जी तरीके से वितरित करने के आरोप में मध्यप्रदेश की एक जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया है।





ईडी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शोभित त्रिपाठी को दो सितंबर को गिरफ्तार किया गया।
केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि त्रिपाठी को बृहस्पतिवार को भोपाल की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें नौ सितंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
मध्यप्रदेश सरकार की विवाह सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
ईडी ने बताया कि त्रिपाठी ने 2019 से 2021 के बीच अपने कार्यकाल के दौरान कुछ अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर विवाह सहायता के संदिग्ध मामलों में 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी राशि मंजूर कर वितरित की।
एजेंसी ने कहा, ‘‘झूठे दस्तावेजों के आधार पर खोले गए या दुरुपयोग किए गए बैंक खातों में राशि अंतरित की गई और उसे तुरंत कई किस्तों में नकद निकाल लिया गया।’’
ईडी ने कहा कि जांच में यह भी पाया गया कि अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया तथा कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी सहायता राशि वितरित की गई, जब सार्वजनिक विवाहों पर रोक थी।
ईडी ने भोपाल पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एजेंसी ने पिछले साल अक्टूबर में इस मामले में तलाशी ली थी।
