मुंबई में ‘दही हांडी’ उत्सव के दौरान 22 ‘गोविंदा’ घायल

मुंबई में दही-हांडी उत्सव के दौरान कई मंजिला मानव पिरामिड बनाते समय 22 गोविंदा घायल हुए, 21 को इलाज के बाद छुट्टी मिली, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई।

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मुंबई: शहर के अलग-अलग इलाकों में शनिवार को आयोजित ‘दही-हांडी’ उत्सव के दौरान कई मंजिला मानव पिरामिड बनाने में शामिल 22 ‘गोविंदा’ घायल हो गए। नगर निकाय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 21 लोगों को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई।

भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले जन्माष्टमी त्योहार का एक हिस्सा ‘दही-हांडी’ है, जिसमें लोग पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह त्योहार पारंपरिक जोश और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जश्न के हिस्से के तौर पर, ‘गोविंदा’ हवा में लटकी ‘दही हांडी’ को तोड़ने के लिए कई मंजिलों वाली इंसानी पिरामिड बनाते हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में दही-हांडी के जश्न के दौरान 22 ‘गोविंदा’ घायल हो गए। उन्होंने बताया कि इनमें से 20 लोगों को शहर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी उपनगर में एक ‘गोविंदा’ घायल हो गया और इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई, जबकि पश्चिमी उपनगर में एक अन्य का अभी उपचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के मद्देनजर पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया है। बीएमसी ने कहा है कि उसने घायल ‘गोविंदाओं’ के इलाज के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। नगर निकाय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि शहर के उपनगरों में बीएमसी के 16 अस्पतालों के साथ-साथ सायन में लोकमान्य तिलक महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, परेल में केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल में नायर अस्पताल में इलाज के लिए 100 से अधिक बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।