लोकप्रियता हासिल करना कभी मेरा उद्देश्य नहीं था, जनस्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण : तुकाराम मुंढे

Archana Ekka
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मुंबई : महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर व्यापक कार्रवाई करने पर सुर्खियों में आए राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि व्यक्तिगत लोकप्रियता नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य उनके लिए सबसे अधिक मायने रखता है।
पूछे जाने पर कि पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर की गई सख्त कार्रवाई के बाद मिली लोकप्रियता और किसी मशहूर हस्ती जैसी छवि क्या काम से ध्यान भटका रही है तो मुंढे ने कहा, ‘‘यह ध्यान भटकाने वाली बात नहीं है। लोकप्रियता हासिल करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं था।’’

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मेरे लिए जनस्वास्थ्य जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। यह तुकाराम मुंढे के बारे में नहीं है। यह भारत और जनस्वास्थ्य में सुधार के लक्ष्य के बारे में है।’’ मुंढे ने कहा, ‘‘खाद्य एवं औषधि क्षेत्र सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। यदि मेरे कार्यों और भूमिका से यह एक सार्वजनिक एजेंडा बनता है, तो मुझे इसकी खुशी होगी।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उनका आक्रामक रुख उन्हें राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के प्रति संवेदनशील बनाता है, मुंढे ने कहा, ‘‘यह आक्रामक नहीं है। मैं वही कर रहा हूं जो मुझसे लगन से करने की उम्मीद की जाती है। मैं अपनी दो दशकों की जनसेवा के दौरान ऐसा ही करता रहा हूं।’’

मुंढे ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इसे लोगों का एजेंडा बनना होगा क्योंकि यह जनस्वास्थ्य का मुद्दा है। आम नागरिकों को जनस्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनाने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि हमारा मानव संसाधन स्वस्थ नहीं हैं, तो हम महाशक्ति नहीं बन सकते।’’ मई में एफडीए प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के बाद से अब तक बंद किए गए प्रतिष्ठानों, निलंबित या रद्द किए गए लाइसेंस और दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर मुंढे ने बताया कि ऐसे संस्थानों की संख्या 12,083 है। उन्होंने कहा कि 5,269 इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं और 603 इकाइयों के खिलाफ निलंबन के आदेश दिए गए हैं।

मुंढे ने बताया कि होटल, रेस्तरां और खान-पान की दुकानों के मामले में 1,803 निरीक्षण किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 948 मामलों में सुधार नोटिस दिए गए और 199 मामलों में लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। मई 2026 में एफडीए आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए मुंढे के 21 साल के करियर में यह 25वां तबादला था। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न उल्लंघनों के लिए दवा कंपनियों के 740 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं। रेस्तरां में खाद्य सुरक्षा से जुड़े तीन सबसे सामान्य उल्लंघनों के बारे में पूछे जाने पर मुंढे ने कहा कि इनमें स्वच्छता और निर्माण प्रोटोकॉल, कच्चे माल की गुणवत्ता और प्रशिक्षित श्रमबल की कमी शामिल हैं।

स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन मंच द्वारा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल पर मुंढे ने कहा, ‘‘मूल रूप से वे कानून के अनुसार खाद्य व्यवसाय संचालक हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं मानते। उनके पास गोदाम हैं। हमने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।’’ इलायची के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को एफडीए द्वारा भेजे गए नोटिस पर मुंढे ने कहा कि उनमें से दो ने अब तक जवाब दे दिया है। इस विज्ञापन को लेकर कहा जाता है कि यह एक प्रतिबंधित पान मसाला का परोक्ष प्रचार है। उन्होंने कहा, ‘‘जवाब देने के लिए दी गई 30 दिन की अवधि में अभी समय बाकी है।’’

सिप्ला मामले से निपटने में एफडीए के तरीकों की मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा की गई आलोचना पर मुंढे ने कहा कि इस मामले में एफडीए से कोई ‘‘प्रक्रियात्मक चूक’’ नहीं हुई। एफडीए ने पुणे इकाई में भंडारण और रखरखाव से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के कारण ‘सिप्ला फार्मा’ के दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई प्रक्रियात्मक चूक नहीं थी, बल्कि एक छोटी सी त्रुटि थी। मेरे अधिकारी ने उदारता दिखाते हुए उन्हें सुनवाई का एक अंतिम अवसर दिया, लेकिन वह सुनवाई सार्वजनिक अवकाश के दिन रख दी गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने नोटिस फिर से जारी किया है और इस पर निर्णय ले रहे हैं।’’
अदालत की टिप्पणियों के बाद एफडीए के मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को बदलने की किसी योजना के बारे में पूछे जाने पर मुंढे ने कहा, ‘‘हम कानून के अनुसार काम कर रहे हैं। एसओपी बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि प्रक्रियात्मक त्रुटियां होती हैं, तो हम उस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में खराब गुणवत्ता वाली और नकली दवाओं की समस्या कितनी गंभीर है, मुंढे ने कहा, ‘‘यह समस्या है, लेकिन इसका सटीक आकलन करना बहुत कठिन है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या दवा आपूर्ति करने वाले ऑनलाइन मंच को भी भौतिक दुकानों की तरह ही कड़े निरीक्षण का सामना करना पड़ता है तो मुंढे ने कहा, ‘‘वे करते हैं। वर्तमान में ऑनलाइन बिक्री प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन उन्हें औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा नियमों का पालन करना होगा।’’

मुंढे ने एफडीए की संसाधन आवश्यकताओं पर भी बात की। यह पूछे जाने पर कि क्या पूरे राज्य में निरीक्षण करने के लिए पर्याप्त श्रमबल और प्रयोगशाला उपकरण मौजूद हैं, उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल, मुझे लगता है कि हमारी प्रयोगशालाएं पर्याप्त हैं, लेकिन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। इसीलिए चार नयी प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जा रहा है।’’

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।