नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति को अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण पर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने से सोमवार को इनकार कर दिया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने समिति को 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर समिति का पुनर्गठन किया जाएगा।



