


रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा घोटाला मामले में सीआईडी को पेपर लीक के ठोस सबूत मिले हैं, जबकि पिछली जांच में इस आशंका से इनकार किया गया था। सीआईडी ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के पटना जिले के नेवरा थाना क्षेत्र स्थित चंद्रपुर निवासी राजन कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी राजन पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले जाकर परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटवाता था। इस अवैध तरीके से कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिनमें से कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में सफल भी हुए हैं।





इस जांच का अहम मोड़ टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद आया। अभय तिवारी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने अपनी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को परीक्षा पास कराने के लिए परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आईसीएएल (ICAEL) के संचालक मिथिलेश सिंह को 12-12 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। उसने अन्य अभ्यर्थियों से भी 12 से 20 लाख रुपये तक वसूलकर उनकी सेटिंग कराई थी। जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों को बोकारो से लेकर नेपाल तक ले जाकर करीब 135 प्रश्न रटवाए गए थे, जिनमें से 120 सवाल परीक्षा में हूबहू आए थे।
मामले की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा संचालन का ठेका वेबेल एजेंसी को मिला था, जिसने सहयोगी एजेंसी आईसीएएल की मदद ली थी। प्रश्नपत्र छपाई से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाने का काम आईसीएएल के पास था और सीआईडी जांच में आईसीएएल की तरफ से ही पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसी अब तक 250 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और गिरफ्तार हो चुके गुमला के प्रखंड कल्याण अधिकारी कुंदन कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।
